STT Hike 2026 :- सुबह तक सब सामान्य लग रहा था, लेकिन बजट के बाद शेयर बाजार का माहौल अचानक बदल गया. जिन लोगों ने रोज की तरह ट्रेडिंग स्क्रीन खोली, उन्होंने लाल रंग से भरे चार्ट देखे. फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग करने वालों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी. सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT बढ़ाने का फैसला किया और इसका असर सीधे बाजार की चाल पर दिख गया.
STT Hike 2026
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में STT की दरें बढ़ाई जा रही हैं. फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर पहले 0.02 प्रतिशत टैक्स लगता था, जिसे अब 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है. ऑप्शंस ट्रेडिंग पर STT 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है. यह सुनते ही बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई. इंट्राडे कारोबार में Sensex 2000 अंकों से ज्यादा टूट गया और Nifty 50 24,600 के स्तर के नीचे फिसल गया. यह गिरावट बताती है कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स और F&O से जुड़े निवेशक इस फैसले को लेकर चिंतित नजर आए.
सरकार ने STT क्यों बढ़ाया
बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद अत्यधिक सट्टेबाजी पर रोक लगाना है. उनके मुताबिक, F&O सेगमेंट में तेजी से बढ़ती ट्रेडिंग ने जोखिम भी बढ़ाया है. सरकार चाहती है कि बाजार निवेश के लिए रहे, केवल अंधाधुंध सट्टेबाजी का अड्डा न बने. उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ोतरी मामूली है, लेकिन इसका संकेत बड़ा है.
सरकार की कमाई में कितना असर
STT सरकार के लिए राजस्व का अहम स्रोत बन चुका है. Income Tax Department के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में STT से ₹53,095 करोड़ की वसूली हुई थी. नितिन कामत, जो Zerodha के को-फाउंडर हैं, उन्होंने हाल ही में बताया था कि सरकार ने 2025-26 के लिए ₹78,000 करोड़ का अनुमान रखा था, लेकिन जनवरी तक संग्रह उम्मीद से कम रहा. ऐसे में दरें बढ़ाने से आने वाले समय में कलेक्शन बढ़ने की संभावना है.
ट्रेडर्स की जेब पर सीधा असर
मान लीजिए निफ्टी फ्यूचर का एक लॉट 10,000 रुपये का है. पहले 0.02 प्रतिशत के हिसाब से केवल 2 रुपये STT देना पड़ता था. अब 0.05 प्रतिशत के हिसाब से यही टैक्स 5 रुपये हो जाएगा. अगर किसी ने 10,000 रुपये प्रीमियम वाला निफ्टी ऑप्शन खरीदा, तो पहले 10 रुपये टैक्स लगता था. अब 0.15 प्रतिशत दर से 15 रुपये देना होगा. रकम छोटी लग सकती है, लेकिन बड़े वॉल्यूम और बार-बार ट्रेड करने वालों के लिए यह खर्च तेजी से बढ़ता है.
रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने चाँदी में ज़बरदस्त गिरावट जारी, चाँदी आयी 3 लाख से नीचे, जानिए आज का रेट !
बाजार के लिए इसका क्या मतलब
यह फैसला साफ संकेत देता है कि सरकार डेरिवेटिव ट्रेडिंग की रफ्तार को नियंत्रित करना चाहती है. छोटे निवेशकों के लिए यह चेतावनी भी है कि F&O में जोखिम ज्यादा है. बाजार अब शायद थोड़ा संयमित दिखे, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. आखिरकार, बाजार भावनाओं से चलता है. टैक्स में मामूली बदलाव भी बड़ी हलचल ला सकता है, जैसा कि इस बार दिखा.
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. यह निवेश सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, इसलिए किसी भी फैसले से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें.
