Gold Silver Prices 3 February :- कभी आसमान छूती कीमतें और अब लगातार फिसलता बाजार, सोना और चांदी इस समय निवेशकों की धड़कन बढ़ा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में जो गिरावट देखने को मिली है, उसने बड़े से बड़े निवेशक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लोग समझ नहीं पा रहे कि यह सुनहरा मौका है या फिर अभी और गिरावट बाकी है। बाजार में घबराहट भी है और उम्मीद भी।
सोने चाँदी की कीमतों में गिरावट ज़ारी, जानिए आज कितना सस्ता हुआ सोने चाँदी !
पिछले पांच दिनों में चांदी की कीमतों में ऐसी गिरावट आई है जिसे अब तक की सबसे बड़ी टूट कहा जा रहा है। जिस चांदी ने हाल ही में 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, वही अब करीब 2 लाख रुपये तक गिरने की कगार पर पहुंच गई है। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, यह निवेशकों के भरोसे की भी परीक्षा है।
Silver Price 3 February 2026
3 फरवरी को चांदी का दाम करीब 2.37 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गया है। सोचिए, कुछ ही दिन पहले 29 जनवरी को यह 4.20 लाख रुपये के ऊपर पहुंची थी। वहां से करीब 1.83 लाख रुपये की गिरावट ने बाजार में हड़कंप मचा दिया। वायदा बाजार में लगातार लोअर सर्किट लगना यह दिखाता है कि बिकवाली कितनी तेज रही है। बजट वाले दिन भी यही हाल था, जिसने गिरावट को और गहरा कर दिया।
Gold Price 3 February 2026
सोना जिसे हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, वह भी इस बार दबाव में है। 29 जनवरी को सोने ने 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर पार किया था। लेकिन अब 3 फरवरी को इसकी कीमत करीब 1.41 लाख रुपये के आसपास आ गई है। बीच में यह 1.37 लाख रुपये तक फिसल चुका था, जहां से थोड़ी रिकवरी दिखी, लेकिन अभी भी दबाव बना हुआ है।
निवेशकों की उलझन बढ़ी
बाजार में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है। कई निवेशक गिरते दाम देखकर उत्साहित हैं, तो कुछ और गिरावट के डर से दूरी बनाए हुए हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने का तकनीकी सपोर्ट 1.40 लाख से 1.45 लाख रुपये के बीच देखा जा रहा है। अगर यह स्तर टिकता है तो यहां से स्थिरता आ सकती है। चांदी की बात करें तो इसका सपोर्ट लेवल 2.44 लाख से 2.55 लाख रुपये के दायरे में माना जा रहा है। फिलहाल कीमतें इस दायरे के नीचे फिसल चुकी हैं, जिससे साफ है कि बाजार में घबराहट ज्यादा है और भरोसा कमजोर पड़ा है।
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गिरावट के पीछे का माहौल
वैश्विक बाजारों की हलचल, मुनाफावसूली और तेजी से बदला निवेशकों का रुख इस गिरावट की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। जब कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचती हैं, तो बड़ी बिकवाली आना आम बात होती है। लेकिन इस बार गिरावट की रफ्तार ने सबको चौंका दिया है। सोना और चांदी दोनों ही भावनात्मक निवेश भी माने जाते हैं, खासकर भारत में। इसलिए जब कीमतें तेजी से गिरती हैं, तो असर सिर्फ पोर्टफोलियो पर नहीं, सोच पर भी पड़ता है। अगर बाजार में घबराहट कम होती है और सपोर्ट लेवल पर खरीदारी आती है, तो यहां से थोड़ी स्थिरता देखने को मिल सकती है। लेकिन उतार चढ़ाव अभी जारी रह सकते हैं। ऐसे समय में जल्दबाजी से ज्यादा समझदारी जरूरी है।
Disclaimer :- यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई कीमतें और विश्लेषण बाजार की स्थिति पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें, क्योंकि बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है।
