आज से सिगरेट पीना हुआ महंगा और बजट के बाद शराब भी हुई महंगी, जानिए अब 1000 रुपये वाली बोतल कितने की मिलेगी !

By: A S

On: Sunday, February 1, 2026 7:41 PM

Budget 2026 :- आज से सिगरेट पीना हुआ महंगा और बजट के बाद शराब भी हुई महंगी, जानिए अब 1000 रुपये वाली बोतल कितने की मिलेगी !
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Budget 2026 :- हर साल बजट आते ही लोगों की धड़कन थोड़ी तेज हो जाती है. किसी को उम्मीद होती है कि खर्च कम होगा, तो किसी को डर कि रोजमर्रा की चीजें और महंगी न हो जाएं. इस बार भी वही हलचल दिखी. खासकर उन लोगों के बीच ज्यादा चर्चा है जो कभी-कभार या नियमित रूप से शराब और सिगरेट खरीदते हैं. Budget 2026 के बाद कीमतों में बढ़ोतरी की खबर ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब खर्च का हिसाब कैसे बैठेगा.

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Budget 2026 और महंगाई की नई तस्वीर

इस बार पेश हुए बजट के बाद बाजार में मिली-जुली तस्वीर सामने आई है. कुछ चीजों पर राहत मिली है, लेकिन कुछ ऐसे उत्पाद भी हैं जिन पर जेब ढीली करनी पड़ सकती है. शराब और सिगरेट उन्हीं में शामिल हैं. टैक्स और शुल्क से जुड़े फैसलों का असर सीधे खुदरा कीमतों पर पड़ता है, इसलिए उपभोक्ताओं को बदलाव जल्दी महसूस होता है. जिन लोगों की आदत इन उत्पादों से जुड़ी है, उनके लिए यह सिर्फ खबर नहीं बल्कि मासिक बजट का मुद्दा बन जाता है.

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शराब महंगी होने की वजह

भारत में शराब पर लगने वाला मुख्य टैक्स राज्यों के दायरे में आता है. फिर भी केंद्र स्तर पर लिए गए कुछ फैसले लागत को प्रभावित कर देते हैं. इस बार टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स यानी TCS से जुड़ी दरों में बदलाव की चर्चा है, जिससे सप्लाई चेन की लागत बढ़ सकती है. इसके साथ राज्यों द्वारा एक्साइज ड्यूटी में संभावित बदलाव खुदरा दामों को ऊपर ले जा सकते हैं. जब उत्पादन से लेकर बिक्री तक हर स्तर पर खर्च बढ़ता है, तो आखिरकार उसका बोझ ग्राहक पर ही आता है.

1000 रुपये वाली बोतल अब कितने की

सीधी भाषा में समझें तो हर राज्य में एक जैसा दाम नहीं होगा. फिर भी अनुमान लगाया जा रहा है कि जो बोतल पहले 1000 रुपये में मिलती थी, वह अब करीब 1050 से 1100 रुपये या कुछ जगहों पर इससे भी ज्यादा में मिल सकती है. यह फर्क सुनने में छोटा लग सकता है, लेकिन नियमित खरीद करने वालों के लिए महीने के अंत में यह रकम काफी बड़ी बन जाती है.

जेब पर पड़ने वाला असर

जो लोग कभी-कभार लेते हैं, उन्हें फर्क थोड़ा कम महसूस होगा. लेकिन जो लोग हफ्ते में कई बार या रोजाना खरीदते हैं, उनके खर्च में साफ बढ़ोतरी दिखेगी. परिवार का बजट बनाते समय यह अतिरिक्त खर्च दबाव बढ़ा सकता है. दूसरी तरफ, अगर खपत बहुत ज्यादा कम नहीं होती, तो सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना रहती है क्योंकि टैक्स से मिलने वाली आय बढ़ जाती है.

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सिगरेट और तंबाकू भी महंगे

सिर्फ शराब ही नहीं, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की बात सामने आई है. टैक्स और अतिरिक्त शुल्क बढ़ने से प्रति पैकेट कीमत ऊपर जाती है. इसका मतलब यह है कि सिगरेट पीने वालों को अब पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे. जो लोग पहले ही इस आदत पर काफी खर्च करते थे, उनके लिए यह बदलाव जेब पर और भारी पड़ सकता है.

बीड़ी को मिली राहत, लेकिन सेहत का सवाल कायम

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि बीड़ी से जुड़े छोटे उद्योग और मजदूरों को ध्यान में रखते हुए उस पर अपेक्षाकृत कम दबाव रखा गया है. फिर भी डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार याद दिलाते हैं कि किसी भी तरह का तंबाकू शरीर के लिए हानिकारक है. कीमत कम या ज्यादा होने से सेहत पर पड़ने वाला असर नहीं बदलता.

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आखिर में देखा जाए तो Budget 2026 के बाद शराब और सिगरेट की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी सिर्फ एक आर्थिक खबर नहीं है. यह सीधे लोगों की आदतों, खर्च और जीवनशैली से जुड़ा विषय है. कई लोग इसे बोझ मानेंगे, तो कुछ इसे खर्च कम करने का मौका भी समझ सकते हैं.

Disclaimer :- यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. अलग-अलग राज्यों में टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और खुदरा कीमतें अलग हो सकती हैं. सटीक दरों के लिए स्थानीय आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करें. तंबाकू और शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.


A S

S Singh is the founder and chief editor of Samachar Samiksha, a trusted platform delivering the latest news and trending stories with accuracy, clarity, and an engaging style. With a passion for credible journalism and a knack for simplifying complex topics, Subodh ensures every article resonates with readers while maintaining factual integrity. Through Samachar Samiksha, he strives to keep audiences informed, inspired, and connected to what matters most.
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