मात्र 1 हज़ार की SIP पर मिलेंगे 1 करोड़, समझिये पूरा गणित !

By: A S

On: Wednesday, February 4, 2026 3:14 PM

SIP :- मात्र 1 हज़ार की SIP पर मिलेंगे 1 करोड़, समझिये पूरा गणित !
Google News
Follow Us

SIP :- जब भी निवेश की बात होती है, ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसके लिए बहुत पैसा चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि बड़ा फंड हमेशा छोटी और नियमित शुरुआत से बनता है। Mutual Fund SIP उसी सोच पर काम करती है। इसमें आप हर महीने थोड़ी रकम निवेश करते हैं और समय के साथ वही पैसा बढ़कर बड़ी संपत्ति बन सकता है। यही आदत आम इंसान को भी आर्थिक रूप से मजबूत बना सकती है।

रिकॉर्ड ऊंचाई और फिर गिरावट के बाद सोना 5 हज़ार तो चांदी हुई 15 हज़ार महंगी, देखिये आज का रेट !

SIP यानी Systematic Investment Plan निवेश का एक अनुशासित तरीका है। इसमें आप हर महीने तय रकम जैसे 500 या 1000 रुपये निवेश करते हैं। यह पैसा म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार में लगाया जाता है और समय के साथ बढ़ने की कोशिश करता है। इसमें सबसे बड़ी ताकत है कंपाउंडिंग की, यानी आपके पैसे पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाने लगता है। शुरुआत में रकम छोटी लग सकती है, लेकिन समय इसे बड़ा बना देता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक SIP जारी रखता है, तो वही छोटी रकम आगे चलकर बड़ा फंड बन सकती है।

आज से सिगरेट पीना हुआ महंगा और बजट के बाद शराब भी हुई महंगी, जानिए अब 1000 रुपये वाली बोतल कितने की मिलेगी !

कंपाउंडिंग का असली जादू

कंपाउंडिंग को आसान भाषा में समझें तो यह “पैसे से पैसा कमाना” है। पहले आपके निवेश पर रिटर्न मिलता है, फिर उसी रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है। यही प्रक्रिया सालों तक चलती है और धीरे-धीरे ग्रोथ तेज होती जाती है। शुरुआत के कुछ सालों में बढ़त धीमी दिखती है, लेकिन बाद के सालों में रफ्तार काफी तेज हो जाती है।

500 और 1000 रुपये SIP से 1 करोड़ का अनुमानित गणित

नीचे दी गई तालिका में औसतन 14 प्रतिशत सालाना रिटर्न मानकर एक साधारण अनुमान दिखाया गया है। वास्तविक रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है।

मासिक SIP निवेश अवधि कुल जमा रकम अनुमानित फंड वैल्यू
        ₹500              34 साल           ₹2.4 लाख               ₹86,50,552
       ₹1000              36 साल           ₹4.32 लाख             ₹1,02,06,079

यहां साफ दिखता है कि निवेश की रकम छोटी है, लेकिन समय लंबा है, इसलिए नतीजा बड़ा बनता है। यही लंबी अवधि की SIP की ताकत है।

8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, बजट के बाद कर्मचारियों टेंशन में !

बाजार गिरने पर घबराना क्यों नहीं चाहिए

कई लोग बाजार गिरने पर SIP रोक देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती हो सकती है। गिरावट के समय निवेश करने पर आपको ज्यादा यूनिट मिलती हैं। बाद में बाजार संभलने पर यही यूनिट ज्यादा फायदा देती हैं। SIP इस उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में मदद करती है।

SIP किसके लिए सही विकल्प है

SIP उन लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित आय कमाते हैं और भविष्य के लिए धीरे-धीरे पैसा जोड़ना चाहते हैं। इसमें रोज बाजार देखने या बड़े फैसले लेने की जरूरत नहीं होती। बस नियमित निवेश और धैर्य जरूरी है।

जल्दी शुरुआत का बड़ा फायदा

कम उम्र में शुरू की गई SIP ज्यादा समय तक चलती है, जिससे कंपाउंडिंग को ज्यादा मौका मिलता है। यही कारण है कि 20–25 साल की उम्र में शुरू किया गया छोटा निवेश भी आगे चलकर बड़ी रकम में बदल सकता है। देर से शुरुआत करने पर वही लक्ष्य पाने के लिए ज्यादा निवेश करना पड़ सकता है।

जानिए बजट 2026 में क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा !

लगातार निवेश क्यों जरूरी है

SIP का असली फायदा तभी मिलता है जब निवेश बीच में बंद न हो। नियमितता इस पूरे खेल की सबसे बड़ी ताकत है। इसे एक जरूरी मासिक खर्च की तरह मानना समझदारी है। आखिर में, SIP कोई जादू नहीं है, बल्कि अनुशासन, समय और धैर्य का नतीजा है। छोटी शुरुआत भी बड़े सपनों को हकीकत में बदल सकती है।

डिस्क्लेमर :- यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें या किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


A S

S Singh is the founder and chief editor of Samachar Samiksha, a trusted platform delivering the latest news and trending stories with accuracy, clarity, and an engaging style. With a passion for credible journalism and a knack for simplifying complex topics, Subodh ensures every article resonates with readers while maintaining factual integrity. Through Samachar Samiksha, he strives to keep audiences informed, inspired, and connected to what matters most.
For Feedback - @samacharsamiksha.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a comment

Exit mobile version