Gold Silver Price 31 January 2026 :- सुबह की चाय के साथ जब लोगों ने कमोडिटी बाजार की खबरें देखीं, तो कई निवेशकों का दिल सच में बैठ गया. जो सोना और चांदी कल तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर चमक रहे थे, वही एक ही दिन में बुरी तरह फिसल गए. बाजार का मूड ऐसा बदला कि खरीददार, निवेशक और ट्रेडर सभी हैरान रह गए. शुक्रवार, 30 जनवरी को MCX पर कीमती धातुओं में जोरदार भूचाल देखने को मिला. मार्च डिलीवरी वाली चांदी में करीब 27 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई, जबकि सोना भी लगभग 15 प्रतिशत टूट गया. इतनी बड़ी सिंगल डे गिरावट ने यह साफ कर दिया कि बाजार कभी भी एक दिशा में लंबे समय तक नहीं चलता.
रिकॉर्ड ऊंचाई से सोना 5% तो वहीं चाँदी 16 हज़ार से भी ज्यादा हुई सस्ती !
चांदी ने सबसे ज्यादा दर्द दिया
चांदी ने तो जैसे निवेशकों का धैर्य ही तोड़ दिया. रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अचानक तेज मुनाफावसूली शुरू हुई और कीमतें तेजी से नीचे फिसलती चली गईं. भाव गिरकर करीब 2,91,922 रुपये प्रति किलो तक आ गए. सिर्फ एक दिन में एक लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट अपने आप में असाधारण मानी जा रही है. पिछले कई हफ्तों से चांदी में तेज रैली थी. जिसने ऊपरी स्तरों पर खरीदारी की, उन्हें इस गिरावट ने सीधा झटका दिया. बाजार में सपोर्ट न बन पाने की वजह से बिकवाली और तेज हो गई.
अबकी बार चांदी पहुंची ₹4 लाख के पार, सोने में भी ऐतिहासिक उछाल !
सोना भी नहीं बच पाया
सोना, जिसे हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, इस बार खुद असुरक्षित नजर आया. मार्च डिलीवरी वाला सोना करीब 1,53,113 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया. एक दिन में 27 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट ने छोटे निवेशकों को खासा परेशान किया. अब तक सोना लगातार नई ऊंचाइयां बना रहा था और लोग इसे महंगाई व अनिश्चितता से बचाव का जरिया मान रहे थे. लेकिन जैसे ही माहौल बदला, मुनाफावसूली का दबाव इतना बढ़ा कि सोने की चमक फीकी पड़ गई.
रिटेल बाजार में भी असर साफ
सिर्फ फ्यूचर मार्केट ही नहीं, सर्राफा बाजार में भी असर दिखा. दिल्ली में सोना करीब 14 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि चांदी में 20 हजार रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई. इससे आम खरीदारों के लिए मौका जरूर बना, लेकिन जिन लोगों ने ऊंचे भाव पर खरीदा था, उनके लिए यह खबर चिंता वाली है.
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आखिर इतनी तेज गिरावट क्यों आई
पिछले कुछ समय से सोना और चांदी तेजी से चढ़ रहे थे. जब दाम जरूरत से ज्यादा ऊपर चले जाते हैं, तो बड़े निवेशक मुनाफा बुक करना शुरू कर देते हैं. इस बार भी यही हुआ. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया. जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी आमतौर पर कमजोर पड़ते हैं. बॉन्ड यील्ड में तेजी और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति ने भी इन धातुओं से पैसा बाहर खींचा.
अमेरिका से आई खबरों ने भी बाजार की भावना बदली. पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के फेडरल रिजर्व से जुड़े बयानों के बाद यह अटकलें तेज हुईं कि आगे चलकर ब्याज दरों पर सख्त रुख देखा जा सकता है. सख्त मौद्रिक नीति की आशंका से डॉलर को ताकत मिली और सोने चांदी पर दबाव और बढ़ गया.
इतनी तेज गिरावट के बाद बाजार में थोड़ी स्थिरता आ सकती है, लेकिन उतार चढ़ाव जारी रहना तय है. अगर डॉलर मजबूत रहता है और ग्लोबल संकेत कमजोर रहते हैं, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है. वहीं, लंबी अवधि के निवेशक इसे गिरावट में खरीदारी के मौके के रूप में भी देख सकते हैं.
