Gold Silver Price Today 18 March 2026 :- अगर आप सोना या चांदी खरीदने का सोच रहे थे, तो आज का दिन आपको थोड़ा चौंका सकता है. इस हफ्ते की शुरुआत जहां तेजी के साथ हुई थी, वहीं अब बाजार ने अचानक करवट ले ली है. बुधवार सुबह आते-आते निवेशकों का मूड बदलता नजर आया और सोना-चांदी दोनों पर दबाव साफ दिखा.
Gold Silver Price On MCX
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह Gold Silver Price में गिरावट दर्ज की गई. अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.21% टूटकर ₹1,55,662 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता नजर आया. कुछ ही समय बाद यह और नीचे खिसककर ₹1,55,607 तक पहुंच गया. वहीं चांदी की बात करें तो मई सिल्वर फ्यूचर्स में और भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली. यह करीब 0.76% गिरकर ₹2,51,200 प्रति किलो पर आ गया और बाद में लगभग 0.9% गिरकर ₹2,50,919 तक पहुंच गया. यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता को साफ दिखाती है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी नहीं मिला सहारा
घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी Gold Silver Price में कमजोरी देखने को मिली. स्पॉट सिल्वर करीब 0.4% गिरकर 79 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट गोल्ड भी हल्की गिरावट के साथ लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा. इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें अक्सर घरेलू रुझान को प्रभावित करती हैं.
रिटेल बाजार में भी सस्ता हुआ सोना-चांदी
अगर आप ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए थोड़ी राहत की खबर है. 18 मार्च को 24 कैरेट सोना करीब ₹600 गिरकर ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी भी करीब ₹3,070 सस्ती होकर ₹2,50,860 प्रति किलो के आसपास कारोबार करती नजर आई. इस गिरावट ने आम ग्राहकों के लिए खरीदारी का मौका जरूर बनाया है.
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गिरावट की असली वजह क्या है
इस पूरे उतार-चढ़ाव के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका की फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग को माना जा रहा है. निवेशक फिलहाल बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं और बाजार में सतर्कता का माहौल है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बार ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले समय को लेकर फेड क्या संकेत देता है, उसी पर आगे की दिशा तय होगी. यही अनिश्चितता फिलहाल सोने और चांदी पर दबाव बना रही है.
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं. ईरान और UAE के बीच बढ़ता तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता ने सप्लाई को लेकर डर बढ़ा दिया है. इसका असर भी निवेशकों के भरोसे पर पड़ रहा है. आने वाले दिनों में बाजार पूरी तरह फेडरल रिजर्व के संकेतों पर नजर रखेगा. अगर ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया जाता है, तो सोने-चांदी में और दबाव आ सकता है. वहीं अगर नरम संकेत मिलते हैं, तो कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है. इसलिए अभी का समय थोड़ा समझदारी से फैसले लेने का है.
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Disclaimer :- यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. निवेश या खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें, क्योंकि बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं.
