Women Having Affair Neighbor Commits Suicide :- मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर पहाड़ी में रहने वाली 32 वर्षीय ममता यादव की जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसियों की ओर से कथित तौर पर बदनाम किए जाने और लगातार परेशान किए जाने के कारण ममता मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ममता यादव की शादी करीब 15 साल पहले रामहेत यादव से हुई थी। दंपती के दो बच्चे हैं। उनके पति मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं और परिवार सामान्य तरीके से अपना जीवन गुजार रहा था। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले पड़ोस में रहने वाले एक युवक के साथ ममता की पुरानी बातचीत से जुड़ी कुछ रिकॉर्डिंग सामने आई थी। इसके बाद मामला बिगड़ता चला गया।
कथित रिकॉर्डिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी और उसके परिवार के कुछ लोगों ने निजी बातचीत की रिकॉर्डिंग को मोबाइल और म्यूजिक सिस्टम के जरिए तेज आवाज में बजाकर आसपास के लोगों को सुनाया। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद ममता को समाज में बदनामी का डर सताने लगा और वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं। हालांकि, रिकॉर्डिंग से जुड़े आरोपों और इसके पीछे की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घर में अकेली थीं ममता, तभी खा लिया जहरीला पदार्थ
घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है। उस समय ममता के पति और बच्चे घर से बाहर थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। जब उनके पति काम से घर लौटे तो ममता की हालत खराब थी। उनके पास जहरीले पदार्थ की शीशी भी मिली। इसके बाद परिवार ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जयारोग्य अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई। ममता की मौत की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में दुख के साथ आक्रोश भी फैल गया।
शव थाने के बाहर रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
ममता की मौत के बाद परिजनों और रिश्तेदारों ने पुरानी छावनी थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान परिवार ने कई पड़ोसियों पर ममता को परेशान करने और कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए। परिजनों ने सुरेंद्र यादव, उसकी पत्नी रेखा यादव, राजपाल यादव, विनोद यादव और जूली यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि इन लोगों की कथित हरकतों से ममता काफी परेशान थीं।
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पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसे वायरल किए जाने से जुड़े आरोप सामने आए हैं। पुलिस अब मृतका के परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
ममता यादव की मौत ने खड़े किए कई सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किसी व्यक्ति की निजी बातचीत या जिंदगी से जुड़ी सामग्री को सार्वजनिक करना उसके जीवन पर कितना गंभीर असर डाल सकता है। किसी भी व्यक्ति को बदनाम करने, मानसिक रूप से परेशान करने या निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करने के आरोप बेहद गंभीर होते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ममता को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।
डिस्क्लेमर :- इस खबर में दी गई जानकारी पुलिस की शुरुआती जानकारी और मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले कानूनी प्रक्रिया और जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार किया जाना चाहिए।
