WhatsApp :- अगर आप उन लोगों में से हैं जो फोन में सिम डाले बिना भी WhatsApp या Telegram चलाते हैं, तो अब थोड़ा सतर्क हो जाइए। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि सिम-बाइंडिंग से जुड़े नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि 1 मार्च से इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने के लिए आपके फोन में उसी नंबर का सिम कार्ड होना जरूरी होगा, जिससे अकाउंट बना है। यह बदलाव लाखों यूजर्स को प्रभावित कर सकता है, खासकर उन लोगों को जो एक नंबर से अकाउंट बनाकर बिना सिम के दूसरे डिवाइस पर ऐप चला रहे हैं। अब ऐसा करना संभव नहीं होगा।
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ToggleWhatsApp Begins Preparing For SIM Binding
हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार WhatsApp ने इस नए नियम को लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.8.6 में एक पॉप-अप देखा गया है, जिसमें यूजर से कहा जा रहा है कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अकाउंट एक्सेस करने के लिए संबंधित नंबर का सिम फोन में होना अनिवार्य है।

इससे साफ है कि कंपनी दूरसंचार विभाग के आदेशों का पालन करने की तैयारी में है। आने वाले समय में भारतीय यूजर्स को यह फीचर आधिकारिक रूप से देखने को मिल सकता है। एक बार यह लागू हो गया तो बिना सिम के अकाउंट चलाना संभव नहीं रहेगा। यहां तक कि अगर आप फोन से सिम निकाल देंगे तो WhatsApp अपने आप लॉगआउट भी हो सकता है।
Big Change For WhatsApp Web Users
जो लोग कंप्यूटर या लैपटॉप पर WhatsApp वेब का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए भी नियम सख्त हो सकते हैं। दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार लिंक्ड डिवाइस का सेशन हर 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। यानी आपको बार-बार अपने मुख्य फोन से दोबारा लिंक करना पड़ेगा।
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यह बदलाव उन यूजर्स के लिए थोड़ा असुविधाजनक हो सकता है जो ऑफिस या काम के दौरान लंबे समय तक वेब वर्जन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
What Is SIM Binding & Why Is It Important?
सिम बाइंडिंग का सीधा अर्थ है कि जिस नंबर से आपका WhatsApp, Telegram या Signal अकाउंट जुड़ा है, उस नंबर का सिम आपके फोन में मौजूद होना चाहिए। अब तक कई लोग बिना सिम कार्ड डाले भी दूसरे नंबर के अकाउंट का उपयोग कर रहे थे। इससे साइबर फ्रॉड और फर्जी गतिविधियों की संभावना बढ़ जाती थी।
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सरकार का मानना है कि इस नियम से फर्जी अकाउंट्स पर रोक लगेगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी कम होगी। डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि इससे कुछ यूजर्स को असुविधा जरूर हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह कदम सुरक्षित इंटरनेट माहौल बनाने में मदद कर सकता है।
Which Apps Will Be Affected?
यह नियम सिर्फ WhatsApp तक सीमित नहीं रहेगा। Telegram और Signal जैसे अन्य लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स पर भी यह लागू होगा। यानी किसी भी इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप को चलाने के लिए सिम की मौजूदगी जरूरी होगी। भारत में बड़ी संख्या में लोग मल्टीपल नंबर का इस्तेमाल करते हैं और कई बार बिना सिम फोन में अकाउंट एक्टिव रखते हैं। अब इस आदत में बदलाव करना पड़ेगा।

अगर आप भी बिना सिम कार्ड के मैसेजिंग ऐप्स चला रहे हैं, तो बेहतर होगा कि समय रहते अपना सिम फोन में सक्रिय रखें। यह सुनिश्चित करें कि जिस नंबर से अकाउंट बना है, वही सिम आपके डिवाइस में लगा हो। इससे 1 मार्च के बाद किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। डिजिटल दुनिया तेजी से बदल रही है और सुरक्षा को लेकर नियम सख्त होते जा रहे हैं। ऐसे में जागरूक रहना और नए नियमों को समझना बहुत जरूरी है।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। नियमों के लागू होने की अंतिम तिथि और प्रक्रिया में बदलाव संभव है। सटीक जानकारी के लिए संबंधित विभाग या आधिकारिक घोषणा जरूर देखें।






