समान नागरिक संहिता बिल ( एक कानून प्रस्ताव हो सकता है जिसका उद्देश्य एक देश में वास्तविक समान नागरिकता को सुनिश्चित करना होता है. इस बिल के माध्यम से, नागरिकता के मानदंडों को संघर्ष रहित और सुविधाजनक ढंग से आवंटित किया जाता है ताकि लोगों को समान अवसर और हक़ का आनंद लेने में सहायता मिले. इसके अंतर्गत, व्यक्तिगत और सामुदायिक उद्योगों में नागरिकों को समान अवसर और संरक्षण मिलता है और उन्हें भारतीय संविधान में निर्धारित मूलभूत मौलिक अधिकारों का उपयोग करने की सुविधा होती है.
समान नागरिक संहिता बिल के तहत, नागरिकता के नियमों और प्रक्रियाओं को संशोधित या सुधारा जा सकता है ताकि विभिन्न वर्गों के लोगों को समान रूप से लाभ मिले. इसमें आमतौर पर नागरिकता की प्राप्ति, नागरिकता का नष्ट होना, नागरिकता के अधिकार और कर्तव्यों, और नागरिकता के प्रमाणपत्रों के मामले शामिल हो सकते हैं.
इस बिल का प्रस्ताव या पारित होना एक देश के नागरिकों के लिए बड़ी महत्वपूर्णता रखता है क्योंकि यह उन्हें समानता, न्याय, और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार प्रदान करता है। यह नागरिकों को अपनी अस्थायी या स्थायी रूप से नागरिकता की प्राप्ति के लिए एक स्पष्ट और न्यायसंगत प्रक्रिया प्रदान कर सकता है।