Gold Silver Price Today 8 April In India :- दुनिया भर के बाजारों में जब भी अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशकों का दिल सबसे पहले सोने की तरफ ही जाता है। पिछले कुछ दिनों से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने लोगों को चिंता में डाल दिया था, लेकिन अब 14 दिनों के सीजफायर की खबर ने थोड़ी राहत जरूर दी है। इसी राहत ने सोने के बाजार में नई जान डाल दी है और कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।
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सीजफायर की खबर से बाजार में आई राहत
ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम का फैसला निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। दोनों देशों ने सशर्त तरीके से दो हफ्तों तक हमले रोकने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही ईरान की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने यह भी संकेत दिया है कि 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में बातचीत शुरू हो सकती है। इस खबर ने बाजार में फैली घबराहट को कुछ हद तक कम किया और निवेशकों ने फिर से सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया।
Gold Price Today
सीजफायर की घोषणा के तुरंत बाद सोने की कीमतों में तेज तेजी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड लगभग 2.3% बढ़कर 4,811.66 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 3.3% उछलकर 4,840.20 डॉलर पर पहुंच गए। यह तेजी अचानक आई खबर का असर थी, जिसने बाजार को एक तरह से राहत का संकेत दिया। इससे पहले भी सोने में हल्की बढ़त देखी जा रही थी, लेकिन सीजफायर ने इस तेजी को और मजबूत बना दिया।

Gold Silver Price Today On MCX
वैश्विक बाजार की तरह भारतीय बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दिया। MCX पर सोने और चांदी दोनों में शानदार तेजी आई। चांदी की कीमत 6% से ज्यादा बढ़कर ₹2,44,770 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि सोना 2.4% चढ़कर ₹1,53,944 प्रति 10 ग्राम हो गया। यह संकेत है कि घरेलू निवेशकों ने भी इस मौके को सुरक्षित निवेश के रूप में देखा और सोने-चांदी में खरीदारी बढ़ाई।
ट्रंप के बयान से बदला माहौल
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमले दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमति दी है। साथ ही ईरान की तरफ से मिले 10-पॉइंट प्रस्ताव को बातचीत के लिए मजबूत आधार बताया। हालांकि इससे पहले ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त चेतावनी भी दी थी, लेकिन फिलहाल हालात थोड़े नरम होते नजर आ रहे हैं।

आगे क्या रहेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी जो तेजी देखने को मिल रही है, वह पूरी तरह से “राहत की प्रतिक्रिया” है। अगर आने वाले दिनों में बातचीत सफल रहती है तो बाजार में स्थिरता आ सकती है, लेकिन अगर समझौते की शर्तों का पालन नहीं हुआ तो फिर से अस्थिरता लौट सकती है। ऊर्जा बाजार भी इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ है। अगर तेल सप्लाई प्रभावित होती है तो महंगाई बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और निवेश बाजारों पर पड़ेगा।
फिलहाल के लिए सीजफायर ने बाजार को राहत दी है और सोने की कीमतों को नई मजबूती मिली है। लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है। आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत और भू-राजनीतिक हालात तय करेंगे कि यह तेजी जारी रहेगी या बाजार फिर से दबाव में आ जाएगा।
Disclaimer :- यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम हमेशा बना रहता है।






