Gold Silver Price 23 February :- अगर आप सोना या चांदी में निवेश करते हैं तो आज का दिन आपके लिए बेहद अहम है। 23 फरवरी को ग्लोबल मार्केट में ऐसी हलचल देखने को मिली जिसने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दीं। हफ्ते की शुरुआत ही तेज रफ्तार के साथ हुई और कीमती धातुओं के दाम अचानक ऊंचाई पर पहुंच गए। बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और लोग सुरक्षित निवेश की तलाश में तेजी से सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
Gold Silver Price 23 February
एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान चांदी की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई। वहीं सोना भी लगभग 1.61 प्रतिशत चढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। यह उछाल सामान्य नहीं माना जा रहा, क्योंकि इसके पीछे बड़ी वैश्विक घटनाएं जुड़ी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी दुनिया में राजनीतिक या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक जोखिम भरे एसेट से निकलकर सुरक्षित विकल्पों की तरफ जाते हैं। सोना और चांदी हमेशा से सुरक्षित निवेश के तौर पर देखे जाते रहे हैं और इस बार भी वही ट्रेंड देखने को मिला है।

घरेलू बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी का असर भारत के बुलियन मार्केट में भी साफ नजर आया। एमसीएक्स पर सोने की कीमत 3,203 रुपये उछलकर 1,60,079 रुपये तक पहुंच गई, जो करीब 2.04 प्रतिशत की बढ़त दिखाती है। वहीं चांदी में तो और भी जबरदस्त रैली देखने को मिली। चांदी 14,967 रुपये की छलांग लगाकर 2,67,911 रुपये पर पहुंच गई, जो लगभग 5.92 प्रतिशत की मजबूत बढ़त है। इस तेजी ने निवेशकों को हैरान भी किया और उत्साहित भी। जिन लोगों ने पहले से निवेश किया हुआ था, उनके पोर्टफोलियो में अचानक बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी अनिश्चितता
कीमतों में आई इस अचानक तेजी के पीछे अमेरिका की एक बड़ी कानूनी घटना भी जिम्मेदार है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया गया था। इस फैसले ने वैश्विक व्यापार नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे दूसरे कानूनी रास्तों से फिर टैरिफ लागू कर सकते हैं।

उन्होंने 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने की बात भी कही है। इससे ट्रेड वॉर की आशंका और गहरी हो गई है। बाजार को डर है कि अगर अमेरिका और अन्य देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और युद्ध का खतरा
इस तेजी की दूसरी बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। अमेरिकी सेना ने वहां अपनी तैनाती बढ़ा दी है और ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी गई है। अगर आने वाले दिनों में हालात बिगड़ते हैं तो बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है। इतिहास गवाह है कि जब भी युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आती है। निवेशक ऐसे समय में जोखिम से बचना चाहते हैं और सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगाते हैं। फिलहाल चांदी 86 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है और मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
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विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने और चांदी में मजबूती का रुख कायम रह सकता है। व्यापार युद्ध का डर और मिडिल ईस्ट में तनाव, दोनों ही बाजार को अस्थिर बनाए हुए हैं। ऐसे माहौल में कीमती धातुएं निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही हैं। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है या नए टैरिफ लागू होते हैं, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी नए रिकॉर्ड स्तर भी छू सकते हैं।






