Basant Panchami :- जब सर्दियों की ठंड धीरे-धीरे विदा लेने लगती है और प्रकृति में नई हलचल दिखने लगती है तब बसंत पंचमी का पर्व मन और वातावरण दोनों में एक खास ऊर्जा भर देता है। यह दिन सिर्फ ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि ज्ञान, आशा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से बसंत पंचमी पर पीले रंग को इतना महत्व दिया गया है। पीला रंग आंखों को सुकून देता है और मन को स्वतः ही सकारात्मक दिशा में ले जाता है, इसलिए यह पर्व पीले रंग के बिना अधूरा सा लगता है।
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मां सरस्वती और पीले रंग का संबंध
मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। वे वाणी, विद्या, कला और बुद्धि की देवी हैं। शास्त्रों में पीले रंग को उनका प्रिय रंग माना गया है, क्योंकि यह प्रकाश, ज्ञान और विवेक का प्रतीक है। जब इस दिन पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं या पीले फूल अर्पित किए जाते हैं, तो यह भाव दर्शाता है कि व्यक्ति अपने जीवन में ज्ञान और शुद्ध विचारों का स्वागत कर रहा है।

ज्योतिष में पीले रंग की भूमिका
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पीला रंग सूर्य और बृहस्पति ग्रह से जुड़ा हुआ माना जाता है। सूर्य आत्मबल और आत्मविश्वास का कारक है, जबकि बृहस्पति ज्ञान, धर्म और गुरु तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। बसंत पंचमी पर पीला रंग पहनने से इन ग्रहों की शुभ ऊर्जा सक्रिय मानी जाती है। इसका प्रभाव व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास पर सकारात्मक रूप से पड़ता है और मन अधिक संतुलित महसूस करता है।
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पीला रंग पहनने से मिलने वाले मानसिक और भावनात्मक लाभ
पीला रंग मन को शांत करता है और नकारात्मक विचारों को कम करने में मदद करता है। इस दिन पीला पहनने से एकाग्रता बढ़ती है, इसलिए छात्रों के लिए बसंत पंचमी को विशेष रूप से शुभ माना गया है। वाणी में मधुरता आती है, संवाद बेहतर होता है और आपसी संबंधों में भी सौहार्द बना रहता है। यही कारण है कि इस दिन सरस्वती पूजा के साथ पढ़ाई की शुरुआत करना बहुत शुभ माना जाता है।

पीले रंग से जुड़ी परंपराओं का भाव
बसंत पंचमी पर पीले फूल, पीले चावल, हल्दी से बने व्यंजन और पीली मिठाइयों का प्रसाद चढ़ाने की परंपरा प्रचलित है। ये सभी परंपराएं बसंत ऋतु और मां सरस्वती के स्वागत का प्रतीक हैं। पीला रंग यहां नई ऊर्जा, उमंग और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा का संकेत देता है। यह हमें याद दिलाता है कि हर अंत के बाद एक नई शुरुआत संभव होती है।
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बसंत पंचमी पर पीला रंग क्यों है इतना खास
बसंत पंचमी पर पीला रंग केवल पहनावे या रस्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भाव है, एक संदेश है। यह रंग हमें ज्ञान की ओर बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। जब श्रद्धा और विश्वास के साथ इस दिन पीले रंग को अपनाया जाता है, तो मन में नई उमंग और स्पष्टता का अनुभव होता है।
Disclaimer :- इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, शास्त्रों और सामान्य विश्वासों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता या वैज्ञानिक प्रमाण का दावा नहीं करते। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।






