8th Pay Commission Fitment Factor :- केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह समय उम्मीदों से भरा हुआ है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने औपचारिक रूप से अपना काम शुरू कर दिया है और अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अलग-अलग पक्षों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। हालांकि अभी अंतिम सिफारिश आने में वक्त लगेगा, लेकिन चर्चा इस बात पर तेज हो गई है कि क्या 7वें वेतन आयोग वाला फॉर्मूला फिर से दोहराया जाएगा और क्या जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
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8th Pay Commission और DA 60% की चर्चा क्यों तेज है?
वर्तमान संकेतों के मुताबिक जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता यानी डीए 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। AICPI-IW के 2025 के आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यही दर नई सैलरी तय करने का आधार बन सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 8वां वेतन आयोग भी 7वें वेतन आयोग की तरह फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल करेगा। फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन अगर पुराना तरीका अपनाया गया तो डीए 60 प्रतिशत को शामिल करते हुए नया फिटमेंट फैक्टर तय किया जा सकता है। यही फैक्टर कर्मचारियों की मूल सैलरी में बढ़ोतरी का रास्ता तय करेगा।
7वें वेतन आयोग में कैसे बदली थी सैलरी?
थोड़ा पीछे चलें तो तस्वीर साफ हो जाती है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। उस समय डीए की दर 125 प्रतिशत थी। 6ठे वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये था। 7वें वेतन आयोग ने इसे बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया।
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इस बढ़ोतरी का आधार था 2.57 का फिटमेंट फैक्टर। यानी पुरानी बेसिक सैलरी को 2.57 से गुणा करके नई सैलरी तय की गई। इस 2.57 में 2.25 हिस्सा उस समय के 125 प्रतिशत डीए को समायोजित करने से जुड़ा था। यह फार्मूला सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किया गया था, जिससे वेतन संरचना में एक बड़ा बदलाव आया था।

8th Pay Commission में क्या हो सकता है असर?
अगर 8वां वेतन आयोग भी जनवरी की डीए दर को आधार बनाता है और 1 जनवरी 2026 को डीए 60 प्रतिशत तक पहुंच जाता है, तो यह नई सैलरी तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर की गणना 60 प्रतिशत डीए को ध्यान में रखते हुए की जा सकती है। इसका सीधा मतलब है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में एक नई वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिशों पर ही निर्भर करेगी। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा या न्यूनतम वेतन कितनी बढ़ेगा, लेकिन उम्मीदें जरूर बढ़ गई हैं।
कर्मचारियों की उम्मीदें और आगे की राह
हर वेतन आयोग के साथ कर्मचारियों को राहत और सम्मान की उम्मीद रहती है। बढ़ती महंगाई के बीच सैलरी में बढ़ोतरी सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होती, बल्कि यह परिवारों की आर्थिक स्थिरता से जुड़ा विषय है। 8th Pay Commission से भी कर्मचारियों को अच्छी बढ़ोतरी की आशा है, लेकिन असली राहत कितनी मिलेगी, यह आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध आंकड़ों और संभावित अनुमानों पर आधारित है। वेतन और डीए से संबंधित अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशों के बाद ही लागू होंगे। कृपया किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक अधिसूचना जरूर देखें।






