भारी टैक्स लगने सिगरेट पीना हुआ महंगा, जानिए अब नई कीमत !

By: A S

On: Sunday, February 1, 2026 7:16 PM

Cigarettes Price :- भारी टैक्स लगने सिगरेट पीना हुआ महंगा, जानिए अब नई कीमत !
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Cigarettes Price :- सुबह की चाय के साथ सिगरेट, काम के तनाव में एक कश, दोस्तों के साथ धुएं की महफिल… बहुत लोगों के लिए यह रोजमर्रा की आदत है। लेकिन अब यह आदत सिर्फ सेहत ही नहीं, आपकी कमाई पर भी सीधा वार करने वाली है। 1 फरवरी से सरकार ने सिगरेट और दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर ऐसा टैक्स ढांचा लागू किया है, जिससे स्मोकिंग पहले से कई गुना महंगी हो सकती है।

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1 फरवरी से बदला टैक्स सिस्टम, क्या हुआ नया?

सरकार ने सेंट्रल एक्साइज नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए सिगरेट पर लगने वाली ड्यूटी को पूरी तरह नए स्तर पर पहुंचा दिया है। पहले जहां टैक्स का ढांचा हल्का माना जाता था, अब हर 1000 सिगरेट पर हजारों रुपये की एक्साइज ड्यूटी तय कर दी गई है। यह रकम 2050 रुपये से शुरू होकर कुछ कैटेगरी में 11000 रुपये तक जा सकती है। यह ड्यूटी सिगरेट की लंबाई और प्रकार के हिसाब से अलग-अलग होगी। इसके ऊपर पहले से लग रहा 40 फीसदी जीएसटी भी जारी रहेगा। यानी कुल टैक्स बोझ अब 60 से 70 फीसदी तक पहुंच सकता है। साफ शब्दों में कहें तो सरकार ने स्मोकिंग को जेब के लिए और मुश्किल बना दिया है।

Cigarettes Price :- भारी टैक्स लगने सिगरेट पीना हुआ महंगा, जानिए अब नई कीमत !

सिगरेट की कीमत में कितना उछाल?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आम आदमी को दुकान पर कितने पैसे देने होंगे। जानकारों का मानना है कि जो सिगरेट अभी करीब 18 रुपये में मिल रही है, वह आने वाले समय में 70 से 72 रुपये तक पहुंच सकती है। सोचिए, एक छोटी सी स्टिक के लिए इतना खर्च। मतलब अब हर कश सिर्फ धुआं नहीं, सीधे आपकी सैलरी का हिस्सा उड़ा देगा। रोज पीने वालों के लिए यह खर्च महीने के बजट को हिला सकता है।

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सिर्फ सिगरेट नहीं, हर तरह का तंबाकू महंगा

नई एक्साइज ड्यूटी का असर सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है। कच्चे तंबाकू पर भी भारी टैक्स लगाया गया है। ई-सिगरेट और दूसरे निकोटिन प्रोडक्ट्स पर 100 फीसदी तक टैक्स की बात सामने आ रही है। पान मसाला और गुटखा जैसे प्रोडक्ट्स पर भी अतिरिक्त सेस लगाया जाएगा। यानी जो लोग सोच रहे थे कि वे सिगरेट छोड़कर कोई दूसरा विकल्प अपनाएंगे, उनके लिए भी रास्ता आसान नहीं रहने वाला।

एक्सपर्ट्स की चिंता क्यों बढ़ी?

कई विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स बढ़ाना एक तरीका जरूर है, लेकिन इससे लोग तुरंत स्मोकिंग छोड़ देंगे, इसकी गारंटी नहीं है। उल्टा खतरा यह है कि लोग सस्ती और गैरकानूनी सिगरेट की ओर मुड़ सकते हैं। भारत पहले ही अवैध सिगरेट बाजार के मामले में दुनिया के बड़े देशों में गिना जाता है। अगर कानूनी सिगरेट बहुत महंगी हो गई, तो तस्करी बढ़ सकती है और सरकार को टैक्स का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।

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किसानों और रोजगार पर असर

तंबाकू उगाने वाले किसानों की संस्थाओं ने भी इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर कानूनी सिगरेट की बिक्री घटी, तो सीधे तौर पर तंबाकू की मांग घटेगी। इसका असर खेती, मजदूरी और ग्रामीण रोजगार पर पड़ सकता है। पहले ही खेती की लागत बढ़ चुकी है। ऐसे में मांग कम होने से किसानों की कमाई और दबाव में आ सकती है।

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सरकार का मकसद साफ है कि महंगी कीमतों के जरिए लोगों को तंबाकू से दूर किया जाए। लेकिन असली सवाल यही है कि क्या लोग सच में छोड़ेंगे, या ज्यादा पैसे देकर भी आदत जारी रखेंगे। अब फैसला लोगों के हाथ में है। हर कश के साथ जेब हल्की होगी, सेहत पर असर तो पहले से है ही। यह बदलाव बहुतों के लिए चेतावनी भी हो सकता है और आर्थिक झटका भी।

Disclaimer :- यह लेख उपलब्ध जानकारियों और रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। टैक्स दरों और कीमतों में बदलाव समय और सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार अलग हो सकता है। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करें।


A S

S Singh is the founder and chief editor of Samachar Samiksha, a trusted platform delivering the latest news and trending stories with accuracy, clarity, and an engaging style. With a passion for credible journalism and a knack for simplifying complex topics, Subodh ensures every article resonates with readers while maintaining factual integrity. Through Samachar Samiksha, he strives to keep audiences informed, inspired, and connected to what matters most.
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